हज की पवित्र यात्रा पूरी करके वतन लौटे हाजियों के स्वागत में शुभ चिंतको ने उन पर फूल बरसाए और उनका भव्य अभिनंदन किया
जमानियां। हज की पवित्र यात्रा पूरी करके वतन लौटे हाजियों के स्वागत में गुरुवार की सुबह हाजी एडवोकेट इमरान नियाजी के रेलवे स्टेशन बाजार उनके आवास पर पहुंचकर अमन शांति एकता कमेटी के सरपरस्त नेसार खान वारसी एवं राजू खान ग्राम प्रधान नईं बाजार, गुड्डू आदि शुभ चिंतक सहित आदि लोगों ने फूल का माला पहनाकर तथा उन पर फूल बरसा कर और उनका भव्य अभिनंदन किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने हाजी एडवोकेट इमरान नियाजी को फूल-मालाएं पहनाकर मुबारकबाद दी और उनकी सुरक्षित वापसी पर ख़ुशी ज़ाहिर की। उक्त मौके पर नेसार खान वारसी ने बताया कि यह पारंपरिक और आत्मीय स्वागत हाजियों के लिए एक बेहद भावुक और खुशी भरा पल होता है। देशभर में अलग-अलग जगहों पर हाजियों के पहले जत्थों की वापसी पर लोगों ने गर्मजोशी से उनका इस्तकबाल किया। अपने क्षेत्र रेलवे स्टेशन बाजार निवासी हाजी एडवोकेट इमरान नियाजी हज यात्रा जत्थे के स्वागत की तैयारियों (जैसे फूल-मालाओं से गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किया गया। जमानियां रेलवे स्टेशन बाजार निवासी हाजी एडवोकेट इमरान नियाजी और उनकी पत्नी अफ़साना खातून हज यात्रा पूरी कर घर लौटे। उनके पहुंचते ही परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया. हाजियों के सम्मान में लोगों ने उन्हें गले लगाकर मुबारकबाद दी। और उनके अनुभवों को सुना। उनके घर पर भी बधाई देने वालों की भीड़ जुट रही है। पूरे क्षेत्र में हाजियों की वापसी को लेकर खुशी और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। इस दौरान हाजी एडवोकेट इमरान नियाजी ने आब-ए-जमजम और खजूर का किया जा रहा वितरण। हज से लौटे हाजी से मिलने आने वाले लोगों को आब-ए-जमजम और खजूर दी गई। इस दौरान लोग हज यात्रा के अनुभवों को जानने और दुआएं लेने के लिए भी पहुंच रहे हैं। इस दौरान मक्का-मदीना की व्यवस्थाओं की हाजी एडवोकेट इमरान नियाजी ने की सराहना। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब के मक्का, मदीना और अन्य पवित्र स्थलों पर हज यात्रियों के लिए बेहतरीन व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद अनुशासन, सुरक्षा और साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद सराहनीय रही। इतनी बड़ी भीड़ के बीच भी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं। हाजी ने कहा कि हज को इस्लाम में माना जाता है बेहद मुकद्दस इबादत, इस्लामी मान्यताओं के अनुसार हज इस्लाम के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है। धार्मिक ग्रंथों में हज की बड़ी फजीलत बताई गई है। माना जाता है। कि सच्चे दिल से हज अदा करने वाला व्यक्ति अपने गुनाहों से पाक होकर लौटता है। और उसके जीवन में आध्यात्मिक बदलाव आता है। वापसी से पूरे बाजार में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।

