(डा. सविता पूनम, उपेंद्र यादव -बीबीसी -इण्डिया /वी.एन.एफ.ए./विश्ववाणी समाचार )
वाराणसी। वाराणसी के एडीजे 13वें कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत चल रहे एक लंबे मुकदमे में शिवपुर थाना क्षेत्र के निवासी संजय यादव उर्फ गुल्ले पांचो को बरी कर दिया है। अदालत ने अभियुक्त को बाइज्जत रिहा करने का आदेश दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष (सरकार) चार गवाह पेश करने के बावजूद अपना पक्ष साबित करने में पूरी तरह असफल रहा। वहीं अभियुक्त संजय यादव की ओर से उनके वकील वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार गुप्ता और अफसर जहाँ उर्फ़ अपसरा द्वारा सफाई के रूप में चार गवाहों के बयान दर्ज कराए गए , जिन्होंने अदालत में अभियुक्त के पक्ष में मजबूत दलीलें दीं।
हमारे वाराणसी स्थित विशेष संवाददाता डा. सविता पूनम के अनुसार यह मुकदमा वर्ष 2000 से लंबित था।
इस सम्बन्ध में वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राकेश कुमार गुप्ता ने हमारे विशेष संवाददाता डा. सविता पूनम को बताया कि मुख्य रूप से मुकदमा संख्या 61 सन् 2001 और मुकदमा संख्या 155 सन् 2000 में शिवपुर थाना क्षेत्र के निवासी संजय यादव उर्फ गुल्ले शामिल थे जिस आधार पर प्रशासन द्वारा गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था, जिसमें कुल आठ मुकदमों का हवाला दिया गया था।
अधिवक्ता द्वय ने बताया कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आज न्याय मिला है। संजय यादव निर्दोष थे, यही कोर्ट ने भी माना। एडीजे 13वें कोर्ट के समक्ष लंबे समय तक चली सुनवाई में अभियोजन पक्ष गवाहों के माध्यम से आरोप साबित नहीं कर सका। बचाव पक्ष ने गवाहों के जरिए साफ किया कि आरोपी पर लगाए गए आरोप आधारहीन थे। कोर्ट ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद अभियुक्त को बरी करने का फैसला सुनाया।
संजय यादव उर्फ गुल्ले शिवपुर के पांचो पंडवा मंदिर के बगल शिवपुर थाना क्षेत्र का निवासी है। इस फैसले से संजय के परिजनों और समर्थकों में खुशी का माहौल है। उन्होंने लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा की थी। अधिवक्ता राकेश कुमार गुप्ता ने इस जीत को “कानूनी लड़ाई की जीत” बताते हुए कहा कि 2001 से चल रहे इस मामले को जीतना आसान नहीं था, लेकिन सबूतों और गवाहों के बल पर सफलता मिली।
वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश कुमार गुप्ता मानना है कि यह अधिवक्ता अफसर जहां उर्फ अफ़सरा कि कड़ी मेहनत और विधि व्यवस्थाओं के प्रकाश में अभियुक्त को दोषमुक्त कराने में वे सफल रही और यह न्याय की जीत है।


