गाजीपुर/जंगीपुर। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा गाजीपुर के पूर्व प्रवक्ता, समाजवादी विचारधारा के प्रखर समर्थक, वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं गरीब दास इंटर कॉलेज बिशनपुर पिपरही के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य रहे स्वर्गीय संग्राम यादव की प्रथम पुण्यतिथि पर रविवार को उनके पैतृक गांव पिपरही में भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक जगत से जुड़े सैकड़ों लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए उन्हें समाज का सच्चा पथप्रदर्शक बताया।
श्रद्धांजलि सभा का आयोजन उनकी पत्नी मिथलेश यादव के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के कार्यकारी जिलाध्यक्ष एवं इस्लामाबाद ग्राम प्रधान रामज्ञान सिंह यादव ने किया। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत स्वर्गीय संग्राम यादव की चारों पुत्रियों डॉ. पूजा यादव, प्रीति यादव, शालू यादव एवं खुशी यादव के साथ उनके भाई राजेश यादव तथा राजकुमार यादव ने किया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय संग्राम यादव का जीवन समाज सेवा, शिक्षा के विस्तार और सामाजिक सुधारों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर, गरीब, वंचित एवं पिछड़े वर्गों की आवाज को मजबूती प्रदान की। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय रहा और उन्होंने अपने कार्यों से हजारों विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने का कार्य किया।
वक्ताओं ने कहा कि संग्राम यादव केवल एक शिक्षक या प्रबंधक नहीं थे, बल्कि वे समाज के ऐसे जागरूक प्रहरी थे जिन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ खुलकर संघर्ष किया। उन्होंने दहेज प्रथा, तेरही प्रथा, नशाखोरी और अन्य सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जनजागरण अभियान चलाकर समाज को नई सोच देने का प्रयास किया। उनका मानना था कि समाज की वास्तविक उन्नति शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक एकता से ही संभव है।
पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि संग्राम यादव ने अपना पूरा जीवन समाजवादी मूल्यों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के लिए समर्पित किया। वे हमेशा समाज के हर वर्ग के लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनते थे। उनका निधन केवल यादव समाज ही नहीं बल्कि पूरे जनपद के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके द्वारा किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने कहा कि संग्राम यादव का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, सौम्य और जनप्रिय था। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी व्यक्तिगत स्वार्थ को महत्व नहीं दिया। समाज और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें अन्य लोगों से अलग पहचान दिलाती थी। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व विरले ही जन्म लेते हैं।
पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा ने कहा कि संग्राम यादव ने सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य किया। वे हमेशा युवाओं को शिक्षा और संगठन की शक्ति का महत्व बताते थे। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष नागेंद्र यादव योगी ने कहा कि संग्राम यादव का सपना एक शिक्षित, संगठित और जागरूक समाज का निर्माण करना था। उन्होंने समाज के लोगों को कुरीतियों से मुक्त करने के लिए निरंतर संघर्ष किया। आज उनकी पुण्यतिथि पर हम सभी को उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लेना चाहिए।
जंगीपुर विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र यादव, विधायक प्रतिनिधि रामबरत यादव, वरिष्ठ नेता रामाधार यादव, प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष दारा यादव तथा यादव महासभा के जिला सचिव मदन यादव ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय संग्राम यादव का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने समाज को नई दिशा देने का कार्य किया और अपने जीवन से सेवा, संघर्ष और समर्पण का आदर्श प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि संग्राम यादव ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना। गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे। उनके प्रयासों से अनेक छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला और वे आज विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर पूर्व प्रधान राजेंद्र यादव, पूर्व प्रधान भौरिक यादव, ग्राम प्रधान सोनू यादव, ग्राम प्रधान मोहन यादव, जिला पंचायत सदस्य महेश यादव, ग्राम प्रधान रमेश यादव, ग्राम प्रधान राजेश यादव तथा पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष यादव ‘गुड्डू’ सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यादव महासभा के जिलाध्यक्ष सुजीत यादव किसी आवश्यक कार्यवश जनपद से बाहर होने के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने अपना श्रद्धांजलि संदेश भेजते हुए कहा कि स्वर्गीय संग्राम यादव ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा, तेरही प्रथा और नशाखोरी जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का जो संकल्प लिया था, उसे आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। यादव महासभा आज भी उनके दिखाए मार्ग पर चलकर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागरण अभियान संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि संग्राम यादव का असामयिक निधन पूरे समाज के लिए एक बड़ी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही उनके अधूरे सामाजिक संकल्पों को पूरा करने तथा समाज में शिक्षा, एकता और जागरूकता के संदेश को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता, भाईचारे और समाज हित के संदेश के साथ हुआ। श्रद्धांजलि सभा में उमड़ी जनसैलाब जैसी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि स्वर्गीय संग्राम यादव आज भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनके आदर्श और उनके द्वारा किए गए कार्य सदैव लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज सेवा, शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा और उनका नाम सम्मान के साथ याद किया जाता रहेगा।




