स्मार्ट मीटर प्रणाली में खराबी, तेज गति से रीडिंग चलने (फास्ट मीटरिंग) और मनमाने बिलिंग से पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ता भी परेशान
जमानियां। स्मार्ट मीटर प्रणाली में खराबी, तेज गति से रीडिंग चलने (फास्ट मीटरिंग) और मनमाने बिलिंग की शिकायतों के कारण जमानियां कस्बा सहित स्टेशन बाजार के बिजली उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके विपरीत, बिजली विभाग के अधिकारियों और मीटर लगाने वाली एजेंसियों को राजस्व और कमीशन में भारी मुनाफा (बल्ले-बल्ले) हो रहा है। विभाग के साथ बैंक से पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने के बाद भी जहां बिल में कमी होना चाहिए। वही अधिक बिल जमा करना पड़ रहा है। बताया जाता रहा है। की स्मार्ट मीटर से जुड़ी प्रमुख समस्याएं और विभाग को होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं।जैसे उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से तेज रीडिंग से उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं को उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। सोलर पैनल वाले बिल निकालते है। की शून्य बिल आया है। इसके बाद भी बिजली विभाग वाले स्मार्ट मीटर कि अधिक रीडिंग दिखाकर बिल जमा कराने और विद्युत काट दे रहे है। मंगलवार को जमानियां आगमन पर सर्वदलीय संघर्ष समिति के जिला संयोजक नेता अरुण सिंह ने कहा कि विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारी स्मार्ट मीटर से बन रही समस्या को जल्द से जल्द समाधान कराने के लिए तत्काल कार्यवाही नहीं करते है। तो समिति के तत्वाधान में समस्त बिजली उपभोक्ताओं की बिजली बिल कि गम्भीर समस्या को लेकर आंदोलन चलाने के साथ कार्यालय पर ताला बंदी करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। नेता अरुण सिंह ने कहा कि स्मार्ट मीटर सामान्य से बहुत तेजी से दौड़ रहे हैं। जिससे बिजली की खपत कम होने पर भी बिल कई गुना अधिक आ रहा है। साथ ही सॉफ्टवेयर और सर्वर की खराबी के कारण अक्सर सर्वर डाउन रहने के कारण उपभोक्ताओं को समय पर बिल नहीं मिलते या अचानक एकमुश्त बड़ा बिल आ जाता है। प्री-पेड मीटर का बैलेंस कटना या प्री-पेड स्मार्ट मीटर में अचानक बैलेंस खत्म होने की समस्या आम है। जिससे बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली कट जाती है। अधिकारियों और विभाग को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व में बढ़ोतरी मीटरों की तेज रीडिंग और फिक्स चार्ज की सख्ती के कारण विभाग के राजस्व (Revenue) में भारी इजाफा हुआ है। निजी कंपनियों और अधिकारियों की मिलीभगत से लगे नए मीटरों और उनके मेंटेनेंस से जुड़े अनुबंधों में भारी कमीशनखोरी और कमाई हो रही है। यदि स्मार्ट मीटर या बिल से गम्भीर समस्या बनती जा रही है। लेकिन शिकायत दर्ज कराने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी समाधान कराने के बजाए बिल जमा कराने के लिए दवाब डालते है। जिसके चलते सोलर पैनल बिजली उपभोक्ताओं को भी अधिक बिल जमा करने को मजबूर हो रहे है। उक्त मौके पर राजेंद्र गिरी, नारायण दास चौरसिया, व्यापार मंडल के युवा जिला उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, अमन खान, गांधी, सुनील कुमार, बेलाल अहमद, राहुल कुमार, डब्बू, सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

