विचार गोष्ठी में पत्रकारिता की विश्वसनीयता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों पर हुआ मंथन

गाजीपुर। हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन उत्तर प्रदेश की स्थानीय इकाई द्वारा शहर के ऐतिहासिक पुस्तकालय एवं वाचनालय, मिश्रबाजार में विचार गोष्ठी एवं चिंतन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, राष्ट्रीय समाचार चैनलों, वेब पोर्टलों तथा सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने भाग लेते हुए पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, उसकी विश्वसनीयता और सामाजिक दायित्वों पर गंभीर चर्चा की।

गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसका मूल उद्देश्य समाज को जागरूक करना, जनहित के मुद्दों को सामने लाना तथा शासन-प्रशासन और जनता के बीच संवाद स्थापित करना है। पत्रकारिता को निजी लाभ और व्यवसाय का माध्यम बनाने की प्रवृत्ति न केवल पत्रकारिता के मूल्यों को कमजोर करती है, बल्कि समाज में मीडिया की साख पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के राष्ट्रीय पार्षद एवं जिलाध्यक्ष पदमाकर पाण्डेय ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की नींव रखने वाले पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने ‘उदन्त मार्तण्ड’ के माध्यम से पत्रकारिता को जनसेवा और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बनाया था। उन्होंने कहा कि एक समय पत्रकार समाज का सजग प्रहरी माना जाता था, लेकिन आज कुछ लोग पत्रकारिता की आड़ में ऐसे कार्य कर रहे हैं जिनका जनहित और समाचार से कोई सरोकार नहीं है। ऐसे लोगों की गतिविधियों से पूरे पत्रकार समाज की छवि प्रभावित होती है।


वरिष्ठ पत्रकार विजयशंकर तिवारी और रामचन्द्र सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि पत्रकारों को अपनी साख और सम्मान बनाए रखने के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यपरक पत्रकारिता को अपनाना होगा। पत्रकारिता की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता है और इसे हर हाल में बनाए रखना आवश्यक है।

विवेकानन्द राय ने कहा कि जिले में पत्रकारिता के नाम पर लोगों को भ्रमित करने और विभिन्न संगठनों की आड़ में समाज विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले लोगों को पत्रकारिता का नाम बदनाम करना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सच्चा श्रमजीवी पत्रकार किसी प्रकार की सौदेबाजी नहीं करता, बल्कि अपनी कलम और खबरों के माध्यम से समाज को आईना दिखाने का कार्य करता है।

वक्ताओं ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के दौर में पत्रकारों से तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रसारित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की नैतिकता, निष्पक्षता और सामाजिक जिम्मेदारी को बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों ने पत्रकारिता की गरिमा, निष्पक्षता और जनसरोकारों की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया। साथ ही हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकार बंधुओं को शुभकामनाएं देते हुए पत्रकारिता के आदर्शों को जीवंत बनाए रखने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर संजय चौबे, भुवन जायसवाल, रामप्रवेश राय, विनोद कुमार लाल, गौरीशंकर पाण्डेय, दिनेश चन्द्र शर्मा, रंगनाथ दूबे, वरिष्ठ पत्रकार अरुण तिवारी, खड़ानन्द दूबे, सतीश पाण्डेय, कमलाकर पाण्डेय, दीपक श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं कैमरामैन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष पदमाकर पाण्डेय ने की तथा संचालन दिनेश चन्द्र शर्मा ने किया।