शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कैंप के माध्यम से टीबी रोगियों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग एक्सरे शुरू हुआ
जमानियां। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत शुक्रवार को कस्बा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विशेष स्क्रीनिंग एवं चेस्ट एक्स-रे कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें कैंप में पोर्टेबल/हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों द्वारा संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच और मुफ्त परामर्श की सुविधा प्रदान की जाती है। इस दौरान जांच कर रहे। मोहम्मद इरफान और रजनीश पाण्डेय के द्वारा कैंप में पहुंचे मरीजों की बारी बारी से एक्सरे मशीन के जरिए जांच करने में व्यस्त रहे। इस दौरान मोहम्मद इरफान ने बताया कि टीबी की जांच और शिविर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए कैंप का उद्देश्य टीबी (क्षय रोग) की जल्द पहचान करना। इसके साथ ही जल्द इलाज शुरू करना और संक्रमण को फैलने से रोकना है। उन्होंने बताया कि पोर्टेबल/हैंडहेल्ड एक्स-रे, बलगम (स्पुटम) की जांच और आवश्यक दवाएं पूर्णत निःशुल्क हैं। इरफान ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक के बुजुर्ग, मधुमेह (शुगर) से ग्रसित मरीज, तंबाकू/शराब का सेवन करने वाले और ऐसे लोग जो पहले से किसी टीबी रोगी के संपर्क में रहे हों। इसके साथ ही दो सप्ताह से अधिक की लगातार खांसी आती हो, और शाम या रात के समय बुखार का आना, इसके साथ ही वजन में अचानक गिरावट का आना, और भूख न लगना और कमजोरी महसूस होना, उपचार के दौरान मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह पोषण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है। कैंप के कम्यूटर आरेटर मोहम्मद इरफान ने बताया कि अगर किसी परिचित व्यक्ति में टीबी के लक्षण दिख रहे हैं। या अपने नजदीकी क्षेत्र में लगने वाले ऐसे एक्स-रे कैंप पहुंचकर जानकारी प्राप्त किया जा सकता है। कैंप का मुख्य मकसद सिर्फ़ जानकारी देना है। स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह या जांच के लिए किसी पेशेवर डॉक्टर से बात कर इलाज शुरू किया जा सकता है।

