जमानियां। जर्जर धर्मशालाओं के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों में बाधा बन रहे। बरगद के पेड़ को नगर पालिका परिषद द्वारा काटकर हटाया गया। जिसके चलते निर्माण कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। लेकिन विकास कार्य और जीर्णोद्वार कार्य को विरोधी हजम नहीं कर पा रहे है। जिसको लेकर भाजपा कार्यकर्ता संतोष पांडेय, अनिल कुमार मद्धेशिया, युवा पुजारी उद्धव पांडेय, राम जानकी मंदिर के पुजारी डॉ शेषनाथ उपाध्याय ने बताया कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा रोड चौड़ी करने के लिए तथा निर्माण कार्य में बाधा डाल रही पूजा स्थलों जैसे मंदिर मस्जिद पेड़ो को काटकर हटवा रही है। वहाँ तो कोई सनातनी और धर्म गुरुओं के द्वारा विरोध ना ही किया गया। और ना ही की जा रही है। लेकिन नगर पालिका परिषद द्वारा जो भी कार्य कराया जाता विरोध उतावले हो जाते है। उन्होंने कहा कि पक्का बलुआ घाट स्थित राम जानकी मंदिर से सटे जर्जर धर्मशाला बरसात के मौसम में कभी भी गिर सकता था। किसी भी अनहोनी घटना से बचाने के लिए पालिका द्वारा घाट के आसपास के साथ धर्मशाला को भी जीर्णोद्वार कराने के लिए अगल बगल में बरगद के एक पेड़ को काटकर हटाया। जिसके बाद निर्माण का कार्य शुरू कराया गया। लोगों ने बताया कि 

विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। कि विकास कार्य में आड़े आ रही उस चीज को हटाया जा सकता है। और निर्माण कार्य में यदि पेड़ रास्ते में आ रहा है, तो उसे बिना नुकसान पहुंचाए हटाने के लिए कार्यवाही की जा सकती है। इस बावत पालिका अध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि जीर्णोद्वार कार्य में आड़े आ रही एक छोटी बरगद पेड़ को हटाया गया। ताकि जर्जर धर्मशाला निर्माण कार्य में किसी प्रकार की रुकावट पैदा ना हो सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्य में बाधा पहुंचा रही पेड़ को हटाया जाना बहुर सख्त जरूरी रहा।