गाजीपुर – भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के संयुक्त आदेश के तहत उर्वरकों के अंधाधुंध/अत्यधिक उपयोग और अवैध परिसंचलन को रोकने के लिए "धरती माता बचाओ अभियान" चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज जिला स्तरीय समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में अपराह्न 1.30 बजे आयोजित की गई।


मुख्य विकास अधिकारीऊ ने जिले में उर्वरक की समीक्षा करते हुए कृषकों से अपील की कि उर्वरक का उपयोग केवल संतुलित मात्रा में किया जाए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 100 ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा, जहाँ रासायनिक उर्वरकों का उपयोग अधिक हुआ है। इन पंचायतों में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक दौरा करेंगे और कृषकों को जागरूक करेंगे।

मुख्य विकास अधिकारी ने समिति के सदस्यों को निर्देश दिए कि उर्वरक के अवैध उपयोग और गैरकानूनी डायवर्जन पर कड़ी निगरानी रखें और दोषी विक्रेताओं के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही, जनपद के ऐसे क्षेत्रों में जहां उर्वरक की कमी हो, वहां इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।


उन्होंने कृषकों से अनुरोध किया कि मृदा परीक्षण कराकर जरूरत के अनुसार ही उर्वरक का उपयोग करें, जिससे फसलों की उत्पादकता बढ़े और कृषकों की आय में वृद्धि हो। बैठक में जिला उद्यान अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, सहायक आयुक्त, सहायक निबंधक सहकारिता, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी और कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. वी.के. सिंह तथा उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि और इफकों के एरिया मैनेजर सचिन तिवारी उपस्थित थे।