गाजीपुर महराजगंज। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विद्युत बिल राहत योजना के अंतर्गत 33/11 केवी उपकेंद्र महराजगंज क्षेत्र में अवर अभियंता रविन्द्र नाथ सिंह के नेतृत्व में विशेष कैंप लगाकर बकाया विद्युत उपभोक्ताओं को राहत देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत ग्राम बयपुर, सकरा, हुसैनपुर, घुरन बाजार सहित आसपास के गांवों के उपभोक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान लगभग 80 बकायेदार उपभोक्ताओं द्वारा रजिस्ट्रेशन कराते हुए कुल 1,46,540 रुपये जमा किए गए।
कैंप में मौजूद विभागीय अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को जानकारी देते हुए बताया कि बिल राहत योजना का लाभ इसी माह तक दिया जा रहा है, जिसके अंतर्गत बकाया बिल पर सरचार्ज में छूट प्रदान की जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए अपने पुराने बकाया बिलों का निस्तारण करा लें, जिससे भविष्य में विद्युत आपूर्ति बाधित न हो।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन उपभोक्ताओं के ऊपर केस संख्या 135बी या 138बी के तहत बकाया चल रहा है, उन्हें भी इस योजना में शामिल कर विशेष छूट दी जा रही है। ऐसे उपभोक्ताओं को राजस्व निर्धारण धनराशि में 40 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
कैंप के दौरान उपभोक्ताओं की अच्छी खासी भीड़ रही और लोगों ने मौके पर ही अपने बकाया बिल जमा कर योजना की सराहना की। विभागीय कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं को बिल की गणना, छूट की जानकारी तथा भुगतान की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से बताया गया।
इस अवसर पर अवर अभियंता रविन्द्र नाथ सिंह के साथ सुनील यादव, संजय सिंह, शशीकांत मौर्य, संजय यादव, राजेश कुमार, संदीप, शिवप्रकाश ,जनमेजय ,प्रवीण कुमार, आर.पी. सिंह तथा लाइनमैन मोहित कुमार सहित अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे और पूरे अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि आगे भी विभिन्न गांवों में कैंप लगाकर अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
विद्युत विभाग की अपील :
विद्युत विभाग ने सभी बकायेदार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए जल्द से जल्द अपने बकाया बिल जमा कर राहत योजना का लाभ उठाएं, ताकि अनावश्यक कार्रवाई से बचा जा सके और नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।



