अब 125 नहीं, खेतीहर कार्यों सहित 185 दिनों तक काम की गारंटी; 7 दिन में भुगतान, देरी पर ब्याज अनिवार्य



गाजीपुर । जनपद के प्रभारी मंत्री एवं उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग श्री रवीन्द्र जायसवाल ने लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में ‘विकसित भारत–जी राम जी’ (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण) कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित प्रेसवार्ता में योजना की विस्तृत जानकारी दी।

मंत्री जायसवाल ने कहा कि संसद द्वारा हाल ही में पारित ‘विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण: वीबी–जी राम जी अधिनियम’ देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इस अधिनियम के लागू होने से ग्राम पंचायत स्तर पर ग्रामीण विकास, आजीविका के अवसर, सामाजिक–आर्थिक सशक्तिकरण और अधिक मजबूत होंगे।

उन्होंने बताया कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम–2025 का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को केवल कल्याणकारी योजना न मानकर विकास से जुड़ी कानूनी गारंटी के रूप में स्थापित करना है, ताकि यह विकसित भारत–2047 के विजन के अनुरूप हो। यह कानून मनरेगा की पुरानी कमियों को दूर करते हुए तकनीक आधारित पारदर्शिता, मजबूत जवाबदेही, स्थायी संसाधनों और दीर्घकालीन ग्रामीण उत्पादन पर विशेष जोर देता है।

मंत्री ने बताया कि वीबी–जी राम जी योजना के तहत प्रति ग्रामीण परिवार निश्चित रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, यानी 25 प्रतिशत की वृद्धि। इसके अतिरिक्त खेतीहर कार्यों के लिए 60 दिन अलग से आरक्षित किए गए हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर 185 दिनों तक काम की कानूनी गारंटी सुनिश्चित की गई है, जो ग्रामीण मजदूरों के लिए बड़ा परिवर्तन है।


उन्होंने जानकारी दी कि पहले अनुमन्य कार्यों की 260 से अधिक बिखरी हुई श्रेणियों को अब चार प्रमुख क्षेत्रों—

जल सुरक्षा,

ग्रामीण अवसंरचना,

आजीविका परिसंपत्तियां,

जलवायु संरक्षण—

में समाहित किया गया है, जिससे योजना का क्रियान्वयन सरल और प्रभावी होगा।

किसानों के हितों की सुरक्षा पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि फसल बुआई और कटाई के प्रमुख मौसमों में (अधिकतम 60 दिन) अन्य वीबी–जी राम जी कार्यों को कानूनी रूप से रोका जाएगा, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों। इससे रोजगार गारंटी को कृषि चक्र के अनुरूप संतुलित किया जा सकेगा, वहीं मजदूरों को अतिरिक्त 60 दिनों की मजदूरी का लाभ भी मिलेगा।

उन्होंने बताया कि अब बेरोजगारी भत्ता एक स्पष्ट और समयबद्ध अधिकार होगा। यदि काम मांगने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया, तो संबंधित ग्रामीण को भत्ता दिया जाएगा। इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की देयता और समय-सीमा भी तय की गई है।

योजना में पारदर्शिता और निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली, जीपीएस/मोबाइल ट्रैकिंग, साप्ताहिक सार्वजनिक डेटा प्रकाशन, वर्ष में अनिवार्य दो सामाजिक ऑडिट तथा केंद्र और राज्य स्तर पर स्टीयरिंग कमेटियों के गठन का प्रावधान किया गया है।

मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि पहले मजदूरी भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब काम की मांग के बाद 7 दिनों में भुगतान अनिवार्य होगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। योजना के पूर्ण क्रियान्वयन पर ग्रामीणों को न केवल 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार, बल्कि नई बढ़ी हुई मजदूरी दरों का भी लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर जखनियां विधायक बेदी राम, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।