गाजीपुर/बरही।
वाराणसी में धार्मिक यात्रा के दौरान अपने साथियों से बिछड़ी मध्य प्रदेश के उमरिया जिले की महिला फुल्ली बाई आखिरकार तीन दिन बाद बरही में सुरक्षित मिल गईं। भाषा की परेशानी और करीब 20 किलोमीटर तक पैदल भटकने के कारण महिला की हालत बेहद कमजोर हो गई थी। सृष्टि सेवा ट्रस्ट की तत्परता और पुलिस के सहयोग से अब उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार उमरिया जिले के बांकेली गांव से एक जत्था धार्मिक दर्शन के लिए वाराणसी पहुंचा था। गंगा स्नान के दौरान फुल्ली बाई पत्नी होलकरी काछी अपने साथियों से बिछड़ गईं। किसी तरह वह वाराणसी बस स्टैंड पहुंचीं, जहां एक व्यक्ति ने उन्हें गोरखपुर जाने वाली बस में बैठा दिया। महिला के मुताबिक उन्होंने करीब 200 रुपये का टिकट लिया था, लेकिन बस कंडक्टर ने उन्हें बरही में उतार दिया।

भाषा समझने में परेशानी के चलते वह अपनी स्थिति लोगों को ठीक से नहीं बता पा रही थीं। तीन दिनों तक भटकते हुए उन्होंने करीब 20 किलोमीटर पैदल सफर किया। उनकी हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह लड़खड़ाते हुए चल रही थीं।

3 अक्टूबर की शाम करीब 7:45 बजे सृष्टि सेवा ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष सावित्री देवी की नजर महिला पर पड़ी। महिला काफी घबराई हुई थीं और बार-बार सिर्फ “उमरिया बांकेली” कह रही थीं। सावित्री देवी ने तत्काल इसकी जानकारी संस्था के डायरेक्टर राजकुमार मौर्य को दी। इसके बाद ट्रस्ट की टीम ने महिला को सुरक्षित संस्था के कार्यालय पहुंचाया।

मामले की सूचना मरदह थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही SI शैलेन्द्र चंद्र पांडेय टीम के साथ मौके पर पहुंचे और महिला से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि महिला के लापता होने की सूचना वाराणसी में तीन दिन पहले दर्ज कराई गई थी।

पहचान सुनिश्चित होने के बाद पुलिस और ट्रस्ट की ओर से महिला के परिजनों को सूचना दी गई। महिला को लेने के लिए राममिलन काछी गाजीपुर के लिए रवाना हो चुके हैं।

सृष्टि सेवा ट्रस्ट की संवेदनशीलता, तत्परता और पुलिस के सहयोग से तीन दिनों से भटक रही महिला को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाने की उम्मीद जगी है। इस मानवीय पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।