बंजारीपुर/गाज़ीपुर 17 सितंबर 2026, बंजारीपुर पंचायत भवन में आज महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव एवं महिलाओं के अधिकारों को लेकर एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में समुदाय की महिलाओं ने भाग लिया और अपने अनुभवों एवं समस्याओं को साझा करते हुए विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर खुलकर संवाद किया।
गोष्ठी के दौरान फेलो तारिक नसीम ने महिलाओं के साथ संवाद करते हुए बताया कि घरेलू हिंसा को कम करने के लिए परिवार और समाज में संवाद, सम्मान, समानता तथा महिलाओं की गरिमा को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने लैंगिक भेदभाव के विभिन्न रूपों पर चर्चा करते हुए कहा कि बेटियों और बेटों के साथ समान व्यवहार, शिक्षा के समान अवसर तथा महिलाओं की निर्णय लेने में भागीदारी को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए आवश्यक जानकारी भी साझा की।
फेलो तारिक नसीम ने संवैधानिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि संविधान प्रत्येक व्यक्ति को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों को समझने, अपनी बात रखने और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मेंटर साकिब अब्बासी ने महिलाओं के साथ समानता और आजादी के विषय पर संवाद किया। उन्होंने कहा कि समानता का अर्थ है कि महिलाओं और पुरुषों को बिना किसी भेदभाव के समान सम्मान और अवसर मिलें, जबकि आजादी का अर्थ है कि महिलाएं अपने जीवन से जुड़े उचित निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकें।
गोष्ठी के दौरान महिलाओं ने घरेलू हिंसा, परिवार में भेदभाव, निर्णय लेने में सीमित भूमिका तथा अपने अधिकारों से जुड़ी कई समस्याएं साझा कीं। चर्चा के माध्यम से महिलाओं को अपनी समस्याओं को सामने रखने, आपसी सहयोग बढ़ाने और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर सम्मानजनक एवं समानतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया गया।

