गाजीपुर।
मेरा युवा भारत, गाजीपुर, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत छावनी लाइन स्थित वृद्ध आश्रम केंद्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक सरोकार के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में वृद्धजनों के सम्मान, सेवा और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। मुख्य संबोधन में नवागत जिला युवा अधिकारी आदर्श ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास, सम्मान और अवसर पहुंचाने की प्रेरणा देता है। उनका अंत्योदय का विचार आज भी सामाजिक विकास के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनकी सेवा व सम्मान प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है।

मेरा युवा भारत के सेवानिवृत्त लेखा एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक सुभाष चंद्र ने कहा कि वृद्धजनों के पास जीवन का लंबा अनुभव और संस्कारों की अमूल्य पूंजी होती है। आधुनिक जीवन की व्यस्तता के बीच हमें बुजुर्गों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को नहीं भूलना चाहिए। उनके चेहरे पर मुस्कान लाना और उन्हें सम्मान व अपनापन देना ही सच्ची सेवा है।

राज्य प्रशिक्षक अंगद सिंह यादव ने कहा कि सेवा और संवेदना भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। युवाओं को वृद्धजनों के अनुभवों से सीख लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रशासनिक सहायक सरोज कुमार राय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सादगीपूर्ण जीवन एवं राष्ट्रसेवा को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि उनके विचार सामाजिक समरसता और मानव सेवा का मार्ग दिखाते हैं।

कार्यक्रम का संचालन राज्य प्रशिक्षक पारसनाथ सिंह यादव ने किया। वृद्ध आश्रम की अधीक्षिका ज्योत्सना कुमारी ने अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सदर विकासखंड के एनवाईवी अनिकेत राज, मेरा युवा भारत के स्वयंसेवक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों से आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना गया। साथ ही उनके सम्मान, सेवा और बेहतर सामाजिक सहभागिता के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया गया।