गाजीपुर, 17 सितम्बर। न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के उद्देश्य से ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0’ का शुभारंभ किया गया है। माननीय उच्चतम न्यायालय की मीडिएशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी के निर्देश तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से यह अभियान 01 अगस्त से 30 दिसम्बर 2026 तक संचालित किया जा रहा है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को मध्यस्थता यानी सुलह-समझौते के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में निस्तारित कराना है। इससे पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलने के साथ ही लंबी न्यायिक प्रक्रिया में लगने वाले समय, धन और प्रयास की बचत हो सकती है।

अभियान के अंतर्गत पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा एवं धारा 498ए आईपीसी/धारा 85 बीएनएस से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, इजराय संबंधी वाद, आर्बिट्रेशन, कॉमर्शियल विवाद, भूमि अधिग्रहण, श्रम कानून तथा अन्य सिविल वादों को सुलह-समझौता केंद्र में संदर्भित कराया जा सकता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनसाधारण एवं संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे अभियान का लाभ उठाते हुए अपने मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान की दिशा में पहल करें। मध्यस्थता के माध्यम से विवाद का समाधान होने पर पक्षकार अनावश्यक लंबी कानूनी प्रक्रिया से बच सकते हैं।

अभियान से संबंधित अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर से संपर्क किया जा सकता है।