आकर्षक पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन भुगतान से बढ़ेगी बाजार तक पहुंच

गाजीपुर। पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगरों एवं शिल्पकारों को अपने पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ने और कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र, गाजीपुर में ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के एमएसएमई विकास कार्यालय, वाराणसी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मोहन शर्मा, संयुक्त आयुक्त उद्योग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ आर.के. चौधरी, वी.के. राणा, सहायक निदेशक एमएसएमई विकास कार्यालय वाराणसी, राजदेव, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सहित संबंधित अधिकारी, विशेषज्ञ एवं बड़ी संख्या में पीएम विश्वकर्मा लाभार्थी मौजूद रहे।

 पैकेजिंग से लेकर ब्रांड पहचान तक मिली महत्वपूर्ण जानकारी

तकनीकी सत्र में डॉ. मनीष अरोड़ा ने कारीगरों को उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और मजबूत ब्रांड पहचान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेहतर पैकेजिंग और प्रभावी ब्रांडिंग किसी भी पारंपरिक उत्पाद को बाजार में अलग पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

वहीं इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के शाखा प्रबंधक अभिषेक शर्मा ने लाभार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग, डिजिटल भुगतान और पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभों से अवगत कराया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर उत्पादों को अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी।

 पारंपरिक हुनर को डिजिटल बाजार से जोड़ने पर जोर

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने पीएम विश्वकर्मा कारीगरों को अपने पारंपरिक कौशल और उत्पादों को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रेरित किया। लाभार्थियों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ राष्ट्रीय और डिजिटल बाजार में अपनी पहचान बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए गए।

इस दौरान प्रतिभागियों की समस्याओं, अनुभवों और सुझावों पर खुली चर्चा भी हुई। विशेषज्ञों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, आकर्षक पैकेजिंग अपनाने, ब्रांड पहचान विकसित करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बिक्री बढ़ाने के उपाय बताए।

 कारीगरों को आत्मनिर्भर और बाजार से मजबूत जोड़ना उद्देश्य

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी कारीगरों एवं शिल्पकारों को बेहतर विपणन अवसर उपलब्ध कराना तथा उनके उत्पादों को स्थानीय, राष्ट्रीय और डिजिटल बाजार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ आयोजन का समापन हुआ। विशेषज्ञों की ओर से दिया गया संदेश साफ रहा—हुनर के साथ अगर सही ब्रांडिंग, पैकेजिंग और डिजिटल मार्केटिंग जुड़ जाए, तो स्थानीय कारीगरों के उत्पाद बड़े बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं।