तीन दिन में जर्जर विद्यालय भवन होंगे ध्वस्त, कायाकल्प कार्यों में आएगी तेजी
गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने शनिवार को अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। बैठक में 196 चिन्हित जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण को लेकर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए अगले तीन दिनों के भीतर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जर्जर एवं असुरक्षित विद्यालय भवन विद्यार्थियों के लिए किसी भी स्थिति में खतरा नहीं बनने चाहिए। शासन के निर्देशों के अनुरूप ऐसे भवनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
डीएम ने एडीओ पंचायत और ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत निर्धारित सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे कराए जाएं। विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्वच्छ, सुरक्षित और शिक्षण-अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल भवन नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इसलिए संबंधित विभाग, अधिकारी और ग्राम पंचायतें आपसी समन्वय से लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करें।
जिलाधिकारी ने कार्यों की नियमित समीक्षा और प्रगति की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों की स्थिति का लगातार निरीक्षण करते हुए कायाकल्प कार्यों और जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, ग्राम प्रधानों समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम का संदेश साफ है। जर्जर भवन हटेंगे, विद्यालय संवरेंगे और बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

