वेज मेयोनीज और अलग-अलग ब्रांड के आटे के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए, रिपोर्ट आने के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

गाजीपुर। जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष अभियान चलाया। अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गाजीपुर के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान आटा निर्माण इकाइयों समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 5 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए।

अभियान के तहत सिंचाई विभाग चौराहा, गाजीपुर स्थित मेसर्स वी0मार्ट रिटेल लिमिटेड से फन फूड्स ब्रांड की वेज मेयोनीज का नमूना लिया गया।

वहीं विरापह करंडा स्थित नरेन्द्र राय के विनिर्माण प्रतिष्ठान मेसर्स डी0के0आर0 सर्विसेज प्रा0लि0 से विजय गोल्ड ब्रांड के गेहूं के आटे का नमूना संग्रहित किया गया।

इसके अलावा कृष्णानगर, जंगीपुर स्थित सखिचन्द्र सिंह यादव के प्रतिष्ठान मेसर्स बाबा विश्वनाथ फ्लोर मिल से राम ब्रांड के गेहूं के आटे का नमूना लिया गया।

हरदासपुर खुर्द, जखनिया स्थित पन्ना लाल के प्रतिष्ठान मेसर्स महाकालेश्वर एग्रो इंडस्ट्रीज से नीलकण्ठ ब्रांड के आटे का नमूना तथा जौहरगंज, सैदपुर स्थित हरिओम जायसवाल के प्रतिष्ठान मेसर्स रैनबो फ्लोर मिल से अमृतभोग ब्रांड के आटे का नमूना संग्रहित किया गया।

प्रयोगशाला जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य विभाग द्वारा संग्रहित सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है। विभाग के अनुसार जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

टीम ने चलाया अभियान

नमूना संग्रह की कार्रवाई आर.सी. पाण्डेय, सहायक आयुक्त (खाद्य)-II, गाजीपुर एवं नरेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी गाजीपुर के नेतृत्व में की गई।

अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी गुलाबचन्द गुप्त, विपिन कुमार गिरि, धनन्जय सिंह, अरविन्द्र प्रजापति, पंकज कुमार कन्नौजिया एवं अमर नाथ की टीम शामिल रही।

खाद्य गुणवत्ता पर विभाग की पैनी नजर

खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हलचल देखने को मिली। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।