गाजीपुर। मत्स्य पालन से जुड़े लोगों और इस क्षेत्र में स्वरोजगार की तलाश कर रहे जनसामान्य के लिए राहत की खबर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब इच्छुक लाभार्थी 10 अगस्त 2026 तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मत्स्य पालक विकास अभिकरण गाजीपुर ने बताया कि विभागीय पोर्टल पर आवेदन की सुविधा पहले 16 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक उपलब्ध कराई गई थी। अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से इसकी समय-सीमा बढ़ाकर पहले 5 अगस्त और अब पुनः बढ़ाकर 10 अगस्त 2026 कर दी गई है।

इन योजनाओं में मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना, सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम की स्थापना, निषाद राज बोट सब्सिडी योजना, उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष के अंतर्गत मोपेड विद आइस बॉक्स परियोजना, माता सुकेता महिला मत्स्य पालक सशक्तिकरण परियोजना के तहत विभिन्न श्रेणियों के जलाशयों में केज स्थापना शामिल है।

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश मोती संवर्धन योजना, अन्तर्देशीय खारे जल क्षेत्रों में मात्स्यिकी विकास के लिए नए तालाब निर्माण एवं प्रथम वर्ष निवेश तथा विशिष्ट प्रजाति की मत्स्य हैचरी स्थापना योजना के लिए भी आवेदन किया जा सकता है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक योजना का लाभ लेने के लिए अलग-अलग आवेदन करना अनिवार्य होगा। योजना के तहत परियोजना का विवरण, इकाई लागत, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा आवेदन के साथ लगाए जाने वाले आवश्यक अभिलेखों की विस्तृत जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध है।

जिन आवेदकों के आवेदन पूर्व वर्षों में निरस्त हुए हैं अथवा अभी प्रतीक्षारत हैं, वे भी पुनः आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने इच्छुक लोगों से अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय से आवेदन करने की अपील की है।

योजनाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति किसी भी कार्य दिवस में मत्स्य पालक विकास अभिकरण, विकास भवन, गाजीपुर के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में योजना के प्रावधानों में कोई संशोधन होने पर संशोधित प्रावधान ही प्रभावी होंगे।