बंजारीपुर (अकरमपुर) 5 जून 2026 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्राइमरी स्कूल बंजारीपुर (अकरमपुर) में एक भव्य पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में लगभग 140 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रीता देवी (अध्यक्ष नारी संघ) ने की।
मुख्य वक्ता विवेक यादव(मेंटर मौसम परियोजना)ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों तथा पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
विशिष्ट अतिथि ईश्वर चन्द एवं ने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिकाधिक वृक्षारोपण,जल संरक्षण तथा प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए आज से ही ठोस कदम उठाने होंगे।
द्वितीय विशिष्ट अतिथि क़ाज़ी फरीद आलम(पर्यावरणविद) ने कहा कि पहले हमारे ग़ाज़ीपुर में सैकड़ों तालाब थे और आज उँगलियों पर गिने जा सकते हैं जोकि एक गंभीर चेतावनी है और उससे सबक लेकर जल संचय की ओर ध्यान देने की ज़रूरत है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नज़मुस्साक़िब अब्बासी नदवी संस्थापक नया सवेरा फाउंडेशन ने किया। उन्होंने पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना समय की मांग है।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के माल्यार्पण से हुआ। इस अवसर पर क्लाइमेट वॉरियर लीडर हैदर अली सोनम कुमारी,गुलशन कुमार,पूनम कुमारी,सुनीता देवी एवं सरिता देवी ने अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के मध्य एक भव्य पर्यावरण जागरूकता रैली भी निकाली गई,जिसमें बच्चों,महिलाओं,युवाओं एवं ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण,स्वच्छता,जल बचाओ और वृक्ष लगाओ से संबंधित नारों के माध्यम से जन-जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सुमन देवी, रिंकू देवी सहित अन्य सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में तारिक नसीम अब्बासी प्रबंधक नया सवेरा फाउंडेशन ने जल वायु परिवर्तन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी हम सचेत नहीं हुए तो हमें बहुत गंभीर परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। अंत में प्रबन्धक महोदय ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प दिलाया।


