गाजीपुर । जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए जनपद में प्रस्तावित सभी धरना-प्रदर्शन, जुलूस और सामूहिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 15 अप्रैल को करण्डा थाना क्षेत्र के ग्राम कटरियां निवासी निशा विश्वकर्मा की मृत्यु से जुड़े मामले को देखते हुए जारी किया गया है।

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत पहले से लागू निषेधाज्ञा (17 अप्रैल 2026) में आंशिक बढ़ोतरी करते हुए नई पाबंदियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जो 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेंगी।

प्रमुख प्रतिबंध

प्रशासन के आदेश के मुताबिक:

घटना को लेकर कोई भी व्यक्ति या समूह जनपद में धरना-प्रदर्शन, जुलूस या नारेबाजी नहीं करेगा।

कैंडल मार्च, सभाएं और किसी भी प्रकार के सामूहिक कार्यक्रम पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।

सहानुभूति जताने के नाम पर कोई भी प्रतिनिधिमंडल ग्राम कटरियां नहीं जाएगा।

किसी भी राजनीतिक, सामाजिक या अन्य संगठन को इस मुद्दे पर जनपद में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।

गांव कटरियां में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित

प्रशासन ने विशेष रूप से ग्राम कटरियां में बाहरी व्यक्तियों, समूहों या प्रतिनिधिमंडलों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। आदेश में कहा गया है कि कुछ तत्वों द्वारा अफवाह फैलाने और माहौल बिगाड़ने की आशंका है, जिससे तनाव और टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

अफवाहों पर सख्ती

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से घटना को लेकर भ्रामक और अपुष्ट सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं, जिनसे जनाक्रोश और असंतोष फैल सकता है। ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

अपवाद और कानूनी प्रावधान

हालांकि, यह प्रतिबंध शव यात्राओं, पारंपरिक धार्मिक आयोजनों और मेलों पर लागू नहीं होगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

एकपक्षीय आदेश, तत्काल प्रभाव

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश बिना पूर्व सूचना और जनसुनवाई के एकपक्षीय रूप से लागू किया गया है।

जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।