विशेष रिपोर्ट :उपेंद्र यादव -बीबीसी -इंडिया /वि. एन एफ. ए./विश्ववाणी समाचार 

वाराणसी। शहर के वरिष्ठ नाट्यकार -रंगकर्मी एवं निर्देशक तथा गोकुल आर्ट के संस्थापक सदस्य श्री मोतीलाल गुप्ता का 5 मार्च को रात्रि लगभग 11 बजे में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पूरे विधि-विधान के साथ गोकुल आर्ट्स के अध्यक्ष एवं भारत की प्रमुख गैर - सरकारी गुप्तचर एजेंसी सीपीआईबी के सचिव डा.शिव सुंदर गांगुली की उपस्थिति में उनके भतीजे उत्तम जी द्वारा किया गया।

           मोतीलाल गुप्ता गोकुल आर्ट्स में कार्यक्रम अधिशासी के पद पर रहते हुए उन्होंने 27 वर्षों तक *अखिल भारतीय हिंदी लघु नाटक प्रतियोगिता* का सफल आयोजन किया ।

         स्व.मोतीलाल गुप्ता शहर के प्रसिद्ध नाट्य संस्था प्रेरणा कला मंच के नाट्य प्रशिक्षक तथा नाट्यकार व नाट्य निर्देशक भी थे, तथा उन्होंने मुंशी प्रेमचंद की दर्जनों कहानियों को नाट्य रूप में रूपांतरित किया एवं अपने निर्देशन में इसकी सशक्त प्रस्तुति भी करायी ।

              स्व.गुप्ता ने अपनी विरासत के रूप में प्रेरणा कला मंच के 11 कलाकारों के साथ *नाट्य अनुष्ठान* का आयोजन वर्ष 2009 में नागरी नाटक मंडली वाराणसी में उन्होंने 37 नाटकों का 34 घण्टे नॉन स्टॉप मंचन करके गिनीज बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज किया ।

            कहा जाता है कि स्व. गुप्ता को नाटक के लिए उनका प्यार और जुनून एक पागलपन था। उन्होंने नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति के लिए एक नई विधा का आविष्कार किया था। जिसे उन्होंने *एवरग्रीन शैली* नाम दिया । इस शैली के नाटकों को मंच पर करें या नुक्कड़ पर, दर्शक मंत्र मुग्ध होकर देखते रह जाते थे।

         स्व. मोतीलाल गुप्ता को भारत की प्रमुख स्वयं सेवी संगठन भारत सुरक्षा परिषद द्वारा बनारस -रत्न अवार्ड से उनके कला -कृतियों के लिए सम्मानित किया गया था।

            उनके निधन से शहर के सांस्कृतिक एवं रंगमंच जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। वे लंबे समय से रंगमंच और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रहे तथा उन्होंने अनेक नाटकों के लेखन, निर्देशन और मंचन के माध्यम से वाराणसी की सांस्कृतिक परंपरा को समृद्ध किया।

           स्व. गुप्ता ने अपने रंगमंचीय जीवन में अनेक कलाकारों को मार्गदर्शन दिया और उन्हें मंच से जोड़ा। उनके योगदान को रंगकर्मी समुदाय हमेशा याद रखेगा। उनके निधन की सूचना मिलते ही शहर के कलाकारों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

           स्व. गुप्ता के शव यात्रा में फादर आनंद, राजेश श्रीवास्तव, रणजीत यादव, अजय रोशन, अजय थापा, विवेक गुप्ता, नवीन चंद्रा, संजय वर्मा, असलम शेख, राज शेखर गांगुली, हरिश्चंद्र पाल, भोला सिंह राठौड़, फादर दयाकर, धनरतन यादव, संजय श्रीवास्तव व उनके परिजन, मित्र, रंगकर्मी तथा शहर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया तथा 

ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की कामना की।

            भारत सुरक्षा परिषद एवं सीपीआईबी की तरफ से डा. अरविंद गाँधी, राकेश कुमार गुप्ता, डा. जितेन्द्र प्रताप सिंह, डा. वी. पी. सिंह, डा. सुल्तान खान, डा. जमींरुल इस्लाम, ई. मोईनुद्दीन अहमद, ने दुख व्यक्त करते हुए, स्व. गुप्ता के प्रति श्रद्धांजली अर्पित किया तथा अधिवक्ताओं के संगठन इण्डियन एडवोकेट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं दी बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री श्री तारक नाथ गांगुली एडवोकेट,उपाध्यक्ष शशि वर्मा एडवोकेट, ने स्व. मोतीलाल के निधन को नाट्य विधा की अपुरणीय क्षति बताते हुए शोक व्यक्त किया और उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित किया।