उन्होंने बताया कि यह निर्णय किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को रोकने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सुव्यवस्थित यातायात एवं भीड़ प्रबंधन के दृष्टिगत लिया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि पर्व के दौरान कोई भी जनहानि न हो और श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर सकें।
प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था के तहत जिले में निर्धारित सुरक्षित स्थलों पर पूजा-अर्चना एवं स्नान हेतु पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। इन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल तथा चिकित्सकीय सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूर्णतः पालन करें, प्रतिबंधित घाटों की ओर न जाएं तथा केवल चिन्हित एवं सुरक्षित स्थलों पर ही धार्मिक गतिविधियां संपन्न करें। साथ ही किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सहयोगात्मक रवैया अपनाकर पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से मनाने में प्रशासन का सहयोग करें।
