जमानियां। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जितिया व्रत रखा जाता है। इस साल जीवित्पुत्रिका व्रत 3, 4 अक्टूबर को रखा जा रहा है। इस दिन माताएं संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। करीब 36 घंटे व्रत रखने के बाद 4 अक्टूबर को व्रत का पारण किया जाएगा। इस दिन जीमूतवाहन भगवान की विधिवत पूजा करने का विधान है। इस दिन विधिवत पूजा करने के साथ-साथ व्रत कथा का पाठ करना शुभ माना गया है। बताया जाता है। कि शनिवार को सैकड़ों श्रद्धालु गण महिलाए कस्बा बाजार स्थित पक्का बलुआ घाट गंगा नदी पहुंचकर विधि पूर्वक स्नान करने के लिए तांता लगा रहा। इस दौरान नगर पालिका परिषद के द्वारा पक्का चबूतरे पर टेंट की व्यवस्था कराया। वही गंगा नदी में बैरिकेटिंग का प्रबंध कराया। पुजारी ब्राह्मण ओमप्रकाश पाण्डेय ने बताया कि गन्धर्वों में एक ‘जीमूतवाहन’ नाम के राजकुमार थे। साथ ही वह बहुत उदार और परोपकारी थे। वहीं उनको बहुत कम समय में सत्ता मिल गई थी। लेकिन उन्हें वह मंजूर नहीं था। वहीं इनका मन राज-पाट में नहीं लगता था। ऐसे में वे राज्य छोड़ अपने पिता की सेवा के लिए वन में चले गये। वहीं उनका विवाह मलयवती नाम की एक राजकन्या से हुआ। उन्होंने बताया कि जितिया व्रत नहाय-खाय से पारण तक की जीवित्पुत्रिका व्रत की संपूर्ण पूजा विधि द्वारा किया गया। पांडेय ने कहा कि एक दिन जब वन में भ्रमण करते हुए। जीमूतवाहन ने वृद्ध महिला को विलाप करते हुए दिखा। उसका दुख देखकर उनसे रहा नहीं गया। और उन्होंने वृद्धा की इस अवस्था का कारण पूछा। इस पर वृद्धा ने बताया मैं नागवंश की स्त्री हूं और मेरा एक ही पुत्र है। पक्षीराज गरुड़ के सामने प्रतिदिन खाने के लिए एक नाग सौंपने की प्रतिज्ञा की हुई है। जिसके अनुसार आज मेरे ही पुत्र ‘शंखचूड़’ को भेजने का दिन है। मेरा इकलौता पुत्र बलि पर चढ़ गया। तो मैं किसके सहारे अपना जीवन व्यतीत करूंगी। यह सुनकर जीमूतवाहन का दिल पसीज उठा। उन्होंने कहा कि वे उनके पुत्र के प्राणों की रक्षा करेंगे। ओम प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि जीमूतवाहन ने कहा कि वे स्वयं अपने आपको उसके लाल कपड़े में ढककर वध्य-शिला पर लेट जाएंगे। जीमूतवाहन ने आखिकार ऐसा ही किया। ठीक समय पर पक्षीराज गरुड़ भी पहुंच गए और वे लाल कपड़े में ढके जीमूतवाहन को अपने पंजे में दबोचकर पहाड़ के शिखर पर जाकर बैठ गए। सुरक्षा के दृष्टिगत एसडीम निधि, तहसीलदार जितेंद्र कुमार, क्षेत्राधिकार अंकित तिवारी, नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार व राजस्व कर्मियों के साथ,

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह मय पुलिस कर्मियों के साथ गश्त लगाते करते रहे।