गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधान परिषद के वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार, 14 अक्टूबर को क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान, गाजीपुर के सभागार में निर्वाचन कार्य में लगाए गए 200 मतदान कार्मिकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। हालांकि, प्रशिक्षण के दौरान 15 कार्मिक अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने और उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
23 अक्टूबर को होगा मतदान, प्रशासन ने बनाई व्यापक रणनीति
मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी (मतदान कार्मिक) के अनुसार, वाराणसी खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 के लिए मतदान 23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। निर्वाचन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए गाजीपुर जनपद को 7 जोन और 19 सेक्टर में विभाजित किया गया है। जिले में कुल 36 मतदान केंद्र तथा 70 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए हैं।
निर्वाचन के तहत वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 6,182 तथा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 49,652 मतदाता पंजीकृत हैं। इस प्रकार दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 55,834 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
प्रशिक्षण में 15 कार्मिक अनुपस्थित, प्रशासन ने दिखाई सख्ती
मतदान प्रक्रिया, मतदान केंद्रों पर कार्मिकों की जिम्मेदारियों तथा निर्वाचन से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी देने के लिए आयोजित प्रशिक्षण में कुल 200 कार्मिकों को शामिल होना था। इनमें 100 पीठासीन अधिकारी और 100 मतदान अधिकारी शामिल थे।
प्रशिक्षण के दौरान 8 पीठासीन अधिकारी और 7 प्रथम मतदान अधिकारी अनुपस्थित पाए गए। निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में कार्मिकों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
इन पीठासीन अधिकारियों की रही अनुपस्थिति
प्रशिक्षण में अनुपस्थित पीठासीन अधिकारियों में रविन्दर चौहान, डॉ. संजय सिंह, वीरेन्द्र कुमार गौतम, विवेक कुमार, विनय कुमार सिंह, रवीन्द्र सिंह, धनंजय चौहान और आशीर्वाद कुमार शामिल हैं। ये विभिन्न विभागों में अवर अभियंता, पशु चिकित्साधिकारी, सहायक अभियंता, खंड शिक्षा अधिकारी तथा उप क्षेत्रीय वन अधिकारी के पदों पर तैनात हैं।
सात प्रथम मतदान अधिकारी भी नहीं पहुंचे
अनुपस्थित प्रथम मतदान अधिकारियों में रूद्र प्रकाश सिंह यादव, मो. शमीम अहमद खांन, अनिल कुमार पाण्डेय, संदीप शर्मा, जितेन्द्र कुमार, दिनेश कुमार पाण्डेय और संतोष कुमार पाण्डेय शामिल हैं। ये लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा विकास एजेंसी, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, राज्य कर विभाग, जल निगम (ग्रामीण) और ट्यूबवेल सर्किल सहित विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत हैं।
16 और 17 अक्टूबर को होगा अगला प्रशिक्षण
निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रशासन ने आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी निर्धारित कर दिया है। माइक्रो ऑब्जर्वर का प्रशिक्षण 16 अक्टूबर 2026 को तथा मतदान कार्मिकों का द्वितीय प्रशिक्षण 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा।
जिला प्रशासन का लक्ष्य निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है। ऐसे में मतदान कार्मिकों की जिम्मेदारी और समयबद्ध उपस्थिति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई के निर्देश से स्पष्ट है कि निर्वाचन संबंधी दायित्वों में लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।

