गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गाजीपुर के आदेश पर मंगलवार को जनपद के तीन इंटर कॉलेजों में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को बाल संरक्षण कानून, पॉक्सो एक्ट तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
एन0एन0आर0बी0 बालिका इंटर कॉलेज गाजीपुर में सिविल जज (सी0डि0) सुश्री पूनम कुमारी चौहान, एम0ए0एफ0 इंटर कॉलेज में अपर सिविल जज (जू0डि0) आदर्श कुमार सिंह तथा अजिमिया इस्लामिक इंटर कॉलेज में स्पेशल मजिस्ट्रेट विक्रम सिंह द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को पॉक्सो एक्ट के संबंध में जागरूक करते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन शोषण, यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए विशेष कानूनी प्रावधान किए गए हैं।
शिविर में छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें सलाह दी गई कि वे अपनी निजी तस्वीरें सार्वजनिक रूप से साझा करने में सावधानी बरतें तथा अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार या उन्हें फॉलो न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित प्राधिकरण को सूचना देने पर जोर दिया गया।
न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि किसी भी छात्रा के साथ अश्लील हरकत, आपत्तिजनक व्यवहार या यौन उत्पीड़न जैसी घटना होती है तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 पर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कॉलेज के प्रधानाचार्यों ने भी छात्राओं से अपील की कि यदि कोई अनजान व्यक्ति अश्लील हरकत करता है, गंदे इशारे करता है या किसी प्रकार से परेशान करता है तो मामले को छिपाने के बजाय तत्काल अपनी शिक्षिका, माता-पिता या विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।
शिविर का उद्देश्य छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और शिकायत के उपलब्ध माध्यमों के प्रति जागरूक कर उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।