गाजीपुर। जनपद के परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 24 सितंबर को ‘मीना दिवस/मीना जन्मदिवस’ धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रमों में बालिकाओं को शिक्षा, अधिकार, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया गया।
विद्यालयों में मीना मंच की प्रेरक कहानियों का वाचन, नाटक और रोल-प्ले के माध्यम से बाल विवाह रोकथाम, नियमित विद्यालय उपस्थिति, स्वच्छता तथा बालिकाओं के अधिकारों जैसे विषयों पर प्रभावी संदेश दिया गया। छात्राओं के बीच पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षिकाओं और सुगमकर्ताओं ने छात्राओं को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, पोषण, आत्मरक्षा तथा गुड टच-बैड टच के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं मीना मंच की नोडल शिक्षिकाओं ने बाल विवाह और ड्रॉपआउट रोकने के लिए अभिभावकों एवं समुदाय को बेटियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि मीना केवल एक काल्पनिक पात्र नहीं, बल्कि बेटियों के अधिकार, आत्मविश्वास और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। मीना मंच के नियमित आयोजनों से बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित होती है और वे बिना झिझक अपनी बात रखने के लिए सक्षम बनती हैं।
कार्यक्रम में सभी खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा, संकुल शिक्षक, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

