गाजीपुर में महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र की सराहनीय पहल, मध्यस्थता से पति-पत्नी के विवाद का हुआ सुखद समाधान
गाजीपुर। आपसी मतभेद और पारिवारिक विवाद के कारण अलग रह रहे एक दंपती के बीच महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र गाजीपुर ने सफल मध्यस्थता कराते हुए रिश्ते को एक बार फिर जोड़ने का सराहनीय कार्य किया। दोनों पक्षों ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर बिना किसी दबाव के राजी-खुशी साथ रहने पर सहमति जताई, जिसके बाद उनकी सकुशल विदाई कराई गई।
पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के कुशल निर्देशन में रविवार, 09 अगस्त 2026 को महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के विवाद से संबंधित कुल 22 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इस दौरान काफी समय से विवादित चल रहे एक प्रकरण में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याओं और मतभेदों को समझा गया। केंद्र के प्रयास से दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी और उन्होंने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने का निर्णय लिया।
मध्यस्थता के बाद दंपती की राजी-खुशी एवं सकुशल विदाई कराई गई। इस सुखद पहल से एक परिवार को टूटने से बचाने में सफलता मिली।
इसके अतिरिक्त 05 प्रकरणों में कुशलता के बाद पत्रावलियां बंद कर दी गईं, जबकि 06 प्रकरणों में विधिक सुझाव देते हुए पत्रावलियां बंद की गईं। शेष प्रकरणों में अभी मध्यस्थता पूरी न होने के कारण अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है।
परिवार परामर्श केंद्र की इस पहल से एक बार फिर यह संदेश सामने आया कि संवाद, समझदारी और आपसी सहमति के माध्यम से पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान संभव है। छोटी-छोटी गलतफहमियों और मतभेदों के कारण टूटने की कगार पर पहुंचे रिश्तों को समझाइश और मध्यस्थता के जरिए बचाया जा सकता है।
इस पूरे प्रकरण के निस्तारण में विक्रमादित्य मिश्रा, कमरुद्दीन, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सविता, महिला आरक्षी रागिनी चौबे, महिला आरक्षी संध्या एवं महिला आरक्षी अभिलाषा सहित संबंधित पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एक परिवार फिर हुआ एक
गिले-शिकवे मिटे, दूरियां खत्म हुईं और रिश्ते में फिर लौटी मिठास। परिवार परामर्श केंद्र की मध्यस्थता ने एक बार फिर साबित किया कि सही समय पर की गई पहल किसी परिवार को बिखरने से बचा सकती है।

