गाजीपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में उमंग संस्थान ने ग्राम पंचायत बघोल की हरिजन बस्ती में एक दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय, बंसी बाजार के सहयोग से आयोजित इस शिविर में 378 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के दौरान मरीजों को नि:शुल्क दवाएं वितरित करने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक चिकित्सीय परामर्श भी दिया गया।
इस स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना, बीमारियों की समय रहते पहचान करना तथा स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक बनाना रहा। बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं ने शिविर का लाभ उठाया।
शिविर की सफलता में उमंग संस्थान की महिला लीडरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने घर-घर संपर्क कर ग्रामीणों को शिविर की जानकारी दी और अधिक से अधिक लोगों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रेरित किया। उनके प्रयासों के कारण शिविर में अपेक्षा से अधिक लोगों की भागीदारी देखने को मिली।
शिविर में रक्तचाप (बीपी) की जांच, ब्लड शुगर की जांच, मौसमी बीमारियों का उपचार, संक्रमण संबंधी रोगों की चिकित्सा, महिलाओं में श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया) के उपचार एवं व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी परामर्श, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, वजन मापन तथा महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की जांच की गई। चिकित्सकों ने जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध कराईं और गंभीर रोग के लक्षण मिलने पर आगे की जांच कराने की सलाह भी दी।
किशोरियों एवं महिलाओं के लिए माहवारी स्वच्छता पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने, सैनिटरी पैड के सुरक्षित उपयोग, संक्रमण से बचाव तथा व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। महिलाओं ने इस सत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से अपनी समस्याओं पर खुलकर चर्चा की।
शिविर में राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय, बंसी बाजार की वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. नम्रता श्रीवास्तव एवं उनकी टीम ने मरीजों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है और कई गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाकर उनका उपचार संभव हो पाता है।
शिविर के समापन पर ग्रामीणों ने उमंग संस्थान और चिकित्सा टीम के इस जनहितकारी प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि इस प्रकार के शिविर दूर-दराज के लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं, क्योंकि उन्हें अपने गांव में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह और दवाएं उपलब्ध हो जाती हैं। उमंग संस्थान ने भी भविष्य में स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से जुड़े जनजागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का भरोसा दिलाया।

