हरतालिका व्रत रखने के पीछे जीवन साथी को लंबी आयु प्राप्त हो और उनकी वैवाहिक जीवन सुखमय हो-
कुंवारी युवतियां मनचाहे वर की कामना से भी हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं-
गाजीपुर:आज देशभर में हरतालिका तीज जिसे तीजा भी कहा जाता है मनाया जा रहा है। यह व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर रखा जाता है। गाजीपुर जनपद की कुशल गृहिणी एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रियंका सिंह ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। श्रीमती सिंह ने बताई कि आज हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर एक साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज मनाई जाती है। हरतालिका तीज का व्रत मुख्य रूप से उत्तर भारत के कुछ राज्यों की सुहागिन महिलाएं रखती हैं। हरतालिका व्रत कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस व्रत में विवाहित महिलाएं और विवाह योग्य युवतियां निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरतालिका व्रत रखने के पीछे जीवन साथी को लंबी आयु प्राप्त हो और उनकी वैवाहिक जीवन सुखमय हो। इसके अलावा कुंवारी युवतियां मनचाहे वर की कामना से भी हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। हरतालिका तीज के पर्व पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। मान्यता अनुसार मां पार्वती ने शिवजी को पति रूप में पाने के लिए कठिन तप किया था। तब शिवजी ने माता पार्वती के कठोर तप से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए थे और अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार्य किया था। हरतालिका तीज में महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। तीज की शाम के समय महिलाएं श्रृंगार करते हुए भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा करती हैं। हरतालिका तीज व्रत रखने और पूजा करने से सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।


