चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कस्बा बाजार स्थित पक्का बलुआ घाट सहित उसके आसपास स्नान घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और महिलाओं ने आस्था की डुबकी लगाई और मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना
जमानियां। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कस्बा बाजार स्थित पक्का बलुआ घाट सहित उसके आसपास स्नान घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और महिलाओं ने आस्था की डुबकी लगाई और मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। बताया जाता है। कि उत्तर वाहिनी गंगा तट पर चैत्र नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ सुरक्षा के कड़े इंतजाम के तहत पुलिस बल तैनात रहे। सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। स्नान के बाद लोगों ने अपने घरों में कलश स्थापना कर मां दुर्गा के प्रथम रूप (शैलपुत्री) की आराधना की। पक्का बलुआ घाट स्थित गंगा नदी में स्नान करने के लिए अहले सुबह से ही महिलाओं और श्रद्धालुगण पहुंचकर स्नान किया और घरों में कलश स्थापना कर दुर्गा पूजा की शुरुआत की। धार्मिक मान्यता है। कि नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है और गंगा स्नान के बाद विधिवत कलश स्थापना की जाती है। इसके साथ ही देवी देवताओं के आयुषों को गंगा जल तथा दूध से स्नान कराया और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। हिंदू नव वर्ष व चैत्र नवरात्र के पहले श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की। पक्का बलुआ घाट गंगा नदी में स्नान कर जलाभिषेक किया गया। घरों में भी लोगों ने विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। देवी देवताओं के आयुषों को गंगा जल तथा दूध से स्नान कराया और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। ब्राह्मण पुजारी उद्धव पांडेय ने बताया कि पक्का बलुआ घाट गंगा नदी सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में डुबकी लगाई। दूर दराज के गांवों से सैकड़ों महिलाएं गंगा स्नान के लिए पहुंची। इसके साथ ही गंगा जल से श्रद्धालुओं ने गांवों में देवी देवताओं के मंदिरों का जलाभिषेक किया।

