गाजीपुर/जमानिया। जय बाबा सिद्धनाथ ट्रस्ट सोनहरिया के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक कथा में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से श्रद्धालु पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं। प्रतिदिन सायंकाल आरती के साथ कथा का शुभारंभ होता है। कथा स्थल पर भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं।


कथा के दौरान त्रिदंडी स्वामी लक्ष्मी नारायण ने गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु जीवन में पथ प्रदर्शक की भूमिका निभाते हैं। अपने अनुभव और ज्ञान के आधार पर वे शिष्यों को सही मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में गुरु के आदर्शों, संस्कारों और शिक्षाओं को अपने जीवन तथा परिवार में अपनाना चाहिए। इससे व्यक्ति के चरित्र का निर्माण होता है और समाज में सद्भाव, संस्कार तथा नैतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।

उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अच्छे संस्कार देना हम सभी की जिम्मेदारी है। समाज में जाति, धर्म और मजहब के भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना आवश्यक है। सनातन परंपरा सभी धर्मों और समुदायों के सम्मान का संदेश देती है। देश में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग लंबे समय से साथ रहते आए हैं। ऐसे धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ने के साथ ही उन्हें सदाचार और सामाजिक समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।


त्रिदंडी स्वामी ने कहा कि साधु-संतों की ओर से समय-समय पर धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन किए जाते हैं, ताकि लोग अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जुड़े रहें। धार्मिक शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से परिवार तथा समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सकता है।

कथा के दौरान देर रात तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। समापन पर आरती की गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने बाबा का आशीर्वाद लेकर विदाई ली। आयोजन को सफल बनाने में कृपाशंकर राय, सुनील राय, आनंद राय, रविंद्र राय, सुरेंद्र राय सहित क्षेत्र के अन्य लोग सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।