गाज़ीपुर। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT), नई दिल्ली के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को आयकर विभाग द्वारा गैर लाभकारी संस्थाओं (NPO) के लिए नए आयकर अधिनियम-2025 से संबंधित जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान “प्रारम्भ-2026” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गैर लाभकारी संस्थाओं को नए कर प्रावधानों, रिटर्न प्रक्रिया, कर छूट एवं अनुपालन संबंधी नियमों के प्रति जागरूक करना रहा।

यह कार्यक्रम आयकर आयुक्त (छूट), लखनऊ मजहर अकरम के दिशा-निर्देश तथा अपर आयुक्त (छूट) डॉ. प्रीती सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गैर लाभकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं एवं कर सलाहकारों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान आयकर अधिकारी (छूट), वाराणसी समीर कुमार श्रीवास्तव ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से नए आयकर अधिनियम-2025 में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों और सरलीकरण की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गैर लाभकारी संस्थाओं के लिए पारदर्शिता, समयबद्ध रिटर्न दाखिला एवं डिजिटल अनुपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई नए प्रावधान लागू किए गए हैं।

उन्होंने विभिन्न फार्मों के दाखिले की समय-सीमा, कर छूट प्राप्त करने की प्रक्रिया, पंजीकरण, ऑडिट एवं आय-व्यय से संबंधित नियमों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही संस्थाओं को समय पर दस्तावेज तैयार रखने और आयकर विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की।

कार्यक्रम में “AI Chart Box कर साथी” के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रणाली करदाताओं को त्वरित जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराने में उपयोगी साबित होगी। इसके माध्यम से कर नियमों, फॉर्म भरने एवं तकनीकी सहायता से जुड़ी जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी।

सभा के दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन की ओर से आनंद सिंह एवं धनंजय ने नए अधिनियम को गैर लाभकारी संस्थाओं के लिए उपयोगी बताते हुए जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं बार एसोसिएशन की ओर से बसंत सेठ सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए आयकर विभाग के इस प्रयास की सराहना की।

कार्यक्रम में आयकर निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय, अभिषेक सिंह यादव, शशिधर पाण्डेय, प्रिंस तथा सन्नी कुमार सहित बार एसोसिएशन, चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशन एवं विभिन्न गैर लाभकारी संस्थाओं के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।