रिपोर्टर—: आशीष गोंड क्रांति
गाजीपुर/ आज शिव साई मंदिर नवापुरा गाजीपुर में अखिल भारतीय गोंड आदिवासी महासभा द्वारा महारानी दुर्गावती जी का जयंती समारोह मनाया गया।इसमें मौजूद लोगों ने रानी दुर्गावती के बलिदान को याद किया। सर्वप्रथम महारानी दुर्गावती जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया तत्पश्चात उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास गोंड ने कहा कि महारानी दुर्गावती ने मुगलों से लोहा लिया था। अपने गोंडवाना साम्राज्य की रक्षा करते हुए वीर गति को प्राप्त हुई थीं। उन्होंने महाराजा दलपत शाह की मृत्यु के बाद राज सिंहासन संभाला था और गोंडवाना की साम्राज्ञी बनी थीं। उन्होंने अपनी शक्ति, शौर्य, साहस और वीरता से गोंडवाना राज्य की जीवन पर्यंत सुरक्षा की। वह नारी शक्ति के रूप में आदर्श हैं।
पूर्वजिला अध्यक्ष गीरिश गोंड ने कहा कि आदिवासी समाज ने हमेशा संघर्ष किया है। महारानी दुर्गावती का अपने साम्राज्य के प्रति बलिदान अनुकरणीय है।
जिलाध्यक्ष सतेंद्र नाथ गोंड ने कहा कि प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली प्रथम आदिवासी महिला साम्राज्ञी महारानी दुर्गावती ने अपने समाज को जागरूक करने का कार्य किया। विदेशी हुकूमत को चुनौती देते हुए अपने अधिकारों और समाज की रक्षा के लिए शहीद हुईं। ये हमारे लिए गौरव की बात है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सतेंद्रनाथ गोंड तथा संचालन जिला महामंत्री बब्बन गोंड ने किया। इस कार्यक्रम मे तहसीलाध्यक्ष चंद्रिका गोंड,नंदकिशोर गोंड,अनिल गोंड,रामकृत गोंड टोनी,आशीष कुमार,मुन्ना खरवार,दिनेश खरवार,अर्जुन गोंड,शिवम गोंड, लौटू गोंड,सहित महिलाएं व अन्य लोग उपस्थित रहे।

