बर्फी, पेड़ा, पनीर, खोया, बिरयानी और सरसों तेल के नमूने संग्रहित; रिपोर्ट आने के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
गाजीपुर। दीपावली के त्योहार को देखते हुए आम जनता को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने और मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों से कुल 12 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है।
विभाग की ओर से 21 और 22 अक्टूबर 2026 को चलाए गए अभियान में मिठाई, बिरयानी, पनीर, खोया, बेसन, धनिया पाउडर और सरसों तेल जैसे खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के मद्देनजर विभाग की इस कार्रवाई को मिलावट पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इन प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूने
21 अक्टूबर को हुई कार्रवाई: कासिमाबाद चौराहा स्थित चौरसिया मिष्ठान भंडार से बर्फी, दिलदारनगर के फातिमा हॉस्पिटल रोड स्थित शमा चिकन बिरयानी से हैदराबादी बिरयानी, हुसैनाबाद स्थित शाहिद बिरयानी एंड मसाला से हैदराबादी बिरयानी तथा सना ट्रेडर्स से धनिया पाउडर का एक-एक नमूना लिया गया।
22 अक्टूबर को हुई कार्रवाई: मुहम्मदाबाद बस स्टैंड स्थित मां स्वीट हाउस से बर्फी, बंशीबाजार मेन रोड और सैनिक चौराहा स्थित दो पनीर विनिर्माण प्रतिष्ठानों से पनीर के नमूने तथा सकलेनाबाद स्थित एक प्रतिष्ठान से भी पनीर का नमूना संग्रहित किया गया।
इसके अतिरिक्त सुखडेहरा, भांवरकोल स्थित दो प्रतिष्ठानों से क्रमशः खोया और बेसन, कबीरपुर कुंडेसर स्थित एक प्रतिष्ठान से जयश्री ब्रांड सरसों तेल तथा शाहनिंदा, मुहम्मदाबाद स्थित बंगाली मिष्ठान भंडार से पेड़ा का नमूना लिया गया।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, संग्रहित सभी नमूनों को प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की स्थिति का आकलन किया जाएगा। यदि किसी नमूने में मिलावट या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
त्योहार के मौसम में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की जरूरत है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, निर्माण एवं समाप्ति तिथि तथा बिल पर ध्यान देना जरूरी है। विभागीय अभियान का उद्देश्य आमजन को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना और मिलावट करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

