गाजीपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को माउंट लिटेरा जी स्कूल में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. एम.के. सिंह ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर जिले में अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान के तहत जिले में करीब 17 लाख बच्चों एवं किशोरों को पेट के कीड़ों से मुक्ति की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

एसीएमओ डॉ. एम.के. सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंजीकृत विद्यालयों, ईंट-भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों तथा घुमंतू परिवारों के बच्चों को भी कृमि मुक्ति की दवा दी जा रही है। जो बच्चे किसी कारणवश अभियान के दिन दवा नहीं ले पाएंगे, उन्हें 14 अगस्त को मॉपअप राउंड के दौरान दवा खिलाई जाएगी।

 उम्र के अनुसार दी जाएगी एल्बेंडाजोल

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एक से दो वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली, जबकि दो से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोरों को पूरी गोली दी जानी है। छोटे बच्चों को गोली पीसकर खिलाई जाएगी, जबकि बड़े बच्चे इसे चबाकर खा सकते हैं। एसीएमओ ने स्पष्ट किया कि एल्बेंडाजोल खाली पेट नहीं खिलानी है।

क्यों जरूरी है कृमि मुक्ति की दवा?

डॉ. सिंह ने बताया कि बच्चे अक्सर जमीन से चीजें उठाकर मुंह में डाल लेते हैं या नंगे पैर घूमते हैं। ऐसे में कृमि के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। पेट में मौजूद कृमि बच्चे के भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों का उपयोग कर लेते हैं, जिससे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही कमजोरी और खून की कमी (एनीमिया) जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा जरूर खिलवाएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

 दवा खाने के बाद हल्की परेशानी हो तो घबराएं नहीं

एसीएमओ ने बताया कि जिन बच्चों के पेट में पहले से कृमि मौजूद होते हैं, उन्हें दवा लेने के बाद कभी-कभी हल्का चक्कर, घबराहट, सिरदर्द, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी, मितली या उल्टी जैसी हल्की परेशानी हो सकती है। आमतौर पर ये प्रभाव कुछ समय में स्वतः समाप्त हो जाते हैं। आवश्यकता पड़ने पर आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मदद से चिकित्सक से संपर्क किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि नियमित रूप से कृमि मुक्ति की दवा खिलाना बच्चों को कुपोषण, एनीमिया और कृमि संक्रमण से होने वाली अन्य समस्याओं से बचाने में महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभुनाथ, जिला सामुदायिक प्रबंधक अनिल वर्मा, अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर अशोक कुमार तथा एविडेन्स एक्शन के संतोष कुमार सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेश के. ने की।

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित अभियान के तहत कृमि मुक्ति की दवा अवश्य खिलवाएं।