गाजीपुर। ग्रामीण क्षेत्रों के पात्र लाभार्थियों को बैंकिंग सुविधाओं, बीमा योजनाओं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत छावनी लाइन के रघुनाथपुर गांव में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के तत्वावधान में वित्तीय समावेशन संतृप्तिकरण अभियान के अंतर्गत जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्र प्रमुख (पश्चिमी क्षेत्र) विनय शंकर, अग्रणी जिला प्रबंधक राजदेव कुमार, आरएलपी से रितेश, आरसेटी निदेशक संजय सिंह, एमएलपी हेड कमल तथा विजिलेंस हेड रितेश उपस्थित रहे।
शिविर में ग्रामीण महिलाओं सहित उपस्थित लोगों को वित्तीय समावेशन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बैंक खाता खोलने, नियमित बचत करने, ऋण सुविधाओं का लाभ उठाने तथा सामाजिक सुरक्षा बीमा योजनाओं के प्रति जागरूक किया। इसके साथ ही आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र लाभार्थियों को इनसे जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि वित्तीय समावेशन का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित वर्ग के लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना इस अभियान की प्राथमिकता है।
शिविर के दौरान लोगों को बचत की आदत विकसित करने, बीमा के महत्व को समझने और उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं का सही तरीके से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि वित्तीय साक्षरता बढ़ने से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करने और भविष्य की जरूरतों के लिए बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से आच्छादित करने का संदेश दिया गया। ऐसे जागरूकता शिविर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

