गाजीपुर। जनपद में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही चक्रवाती बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी खरीफ की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका के बीच किसानों को सतर्क रहने और अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है।

किसानों को पहले ही मौसम संबंधी एडवाइजरी जारी कर सचेत किया गया था, ताकि खरीफ की कटी हुई फसलों को सुरक्षित रखा जा सके। इसके बावजूद जिन किसान भाइयों की फसलें अभी भी खेतों में खड़ी हैं और चक्रवाती बारिश के कारण उन्हें नुकसान हुआ है, उनके लिए राहत की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।

फसल नुकसान होने पर इस नंबर पर तत्काल करें सूचना

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसान अपनी फसल को बारिश से हुए नुकसान की सूचना सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 14447 पर तत्काल दें। इससे संबंधित विभाग द्वारा समय से फसल क्षति का सर्वे कराया जा सकेगा और नियमानुसार पात्र किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।

रबी की फसलों को लेकर बरतें सावधानी

सरसों, चना और मटर जैसी रबी फसलों की जिन खेतों में बुवाई हो चुकी है, वहां जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। खेतों में पानी जमा न होने दें। मौसम की स्थिति सामान्य होने तक किसी भी प्रकार की नई बुवाई, यूरिया, डीएपी सहित उर्वरकों का प्रयोग तथा कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचें।

सब्जी और फल उत्पादक किसान भी रहें सतर्क

टमाटर और बैंगन जैसी सब्जियों की फसलों को तेज हवा और बारिश से बचाने के लिए बांस के सहारे सहारा दें, जिससे पौधे गिरने से बच सकें। केला एवं पपीता के बागों में अतिरिक्त सहारा लगाएं। जिन खेतों में जलभराव की स्थिति है, वहां तत्काल नालियां बनाकर अतिरिक्त पानी बाहर निकालने की व्यवस्था करें।

बिजली चमकने और खराब मौसम में रखें विशेष सावधानी

किसानों को सलाह दी गई है कि बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में न रहें और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। पशुओं को सुरक्षित शेड में रखें। साथ ही विद्युत उपकरणों, बिजली के तारों और पंपसेट का विशेष ध्यान रखें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

लगातार बदलते मौसम को देखते हुए किसानों से अपील की गई है कि वे कृषि संबंधी सावधानियों का पालन करें और फसल नुकसान होने की स्थिति में बिना देरी किए बीमा हेल्पलाइन पर सूचना दें, जिससे समय रहते सर्वे और क्षतिपूर्ति की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।