दीपावली से पहले गाजीपुर में खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन, 49 किलो मिलावटी मिठाई नष्ट; 15 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए
गाजीपुर। दीपावली पर्व पर आमजन को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जनपद में मिलावटखोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। 1 और 2 नवंबर 2026 को जिले के विभिन्न बाजारों में मिठाई की दुकानों पर छापेमारी कर कुल 15 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए। वहीं, मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए 49 किलोग्राम खोया, छेना मिठाई, रसगुल्ला एवं गुलाब जामुन को मौके पर नष्ट कराया गया। नष्ट कराई गई मिठाइयों की अनुमानित कीमत 13,900 रुपये बताई गई है।
यह विशेष अभियान आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी गाजीपुर के आदेश पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) और सहायक आयुक्त खाद्य आरसी पाण्डेय के निर्देश में संचालित किया गया।
कासिमाबाद में दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान सुकहा सोनबरसा, कासिमाबाद स्थित मेसर्स रसप्रिया स्वीट्स से नारियल लड्डू एवं गोंद लड्डू के नमूने लिए गए। इसी प्रतिष्ठान से 7 किलोग्राम संदूषित खोया, जिसकी अनुमानित कीमत 2,100 रुपये थी, नष्ट कराया गया। सलामतपुर स्थित मेसर्स मंगल मूर्ति मिष्ठान भंडार से 10 किलोग्राम संदूषित छेना मिठाई, जिसकी कीमत लगभग 2,200 रुपये थी, नष्ट कराई गई।
इसके अतिरिक्त जखनिया बाजार स्थित यादव स्वीट्स हाउस से बर्फी, रेलवे स्टेशन सादात स्थित प्रतिष्ठान से छेना मिठाई, बंशी बाजार स्थित श्री स्वीट्स हाउस एंड बेकर्स से बूंदी लड्डू एवं कलाकंद तथा भटौली बाजार स्थित शिवपूजन बाबा स्वीट्स हाउस से गुलाब जामुन का नमूना लिया गया।
दूसरे दिन भी जारी रही छापेमारी
2 नवंबर को कठवामोड़ मुहम्मदाबाद स्थित जायसवाल स्वीट हाउस से बर्फी, पीजी कॉलेज चौराहा गोराबाजार स्थित मौर्या मिष्ठान से बूंदी लड्डू, जमानिया रेलवे स्टेशन स्थित प्रतिष्ठान से बूंदी लड्डू, खानपुर स्थित प्रीति मिष्ठान भंडार से बर्फी, मौधा स्थित विराट मिष्ठान भंडार से छेना मिठाई तथा सिखड़ी बाजार स्थित गोपाल स्वीट हाउस से बर्फी का नमूना संग्रहित किया गया।
इसके अलावा रेलवे स्टेशन दुल्लहपुर स्थित कन्हैया स्वीट हाउस तथा यादव मोड़ जंगीपुर स्थित प्रतिष्ठान से छेना मिठाई के नमूने लिए गए।
वहीं, परसेरवा चट्टी मरदह स्थित कृष्णा पनीर मिष्ठान भंडार से 20 किलोग्राम संदूषित रसगुल्ला और 12 किलोग्राम संदूषित गुलाब जामुन नष्ट कराया गया। इनकी अनुमानित कीमत 9,600 रुपये बताई गई।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संग्रहित सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, उत्तर प्रदेश भेजा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पूरी कार्रवाई मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों गुलाबचंद गुप्त, बिपिन कुमार गिरि, धनंजय सिंह, अरविंद्र प्रजापति, पंकज कुमार कन्नौजिया एवं अमरनाथ द्वारा की गई।
खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से मिठाई कारोबारियों में हलचल मची हुई है। वहीं, त्योहारों के दौरान मिलावट पर अंकुश लगाने और आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए ऐसे अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

