गाजीपुर। जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से जिला कारागार गाजीपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों के इस निरीक्षण से जेल प्रशासन में व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता देखने को मिली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कारागार चिकित्सालय, महिला एवं पुरुष बैरकों, रसोईघर तथा जेल परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की संचालन व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। कारागार चिकित्सालय में भर्ती बंदियों से मुलाकात कर उनकी बीमारियों, उपचार, खान-पान और साफ-सफाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने यह भी जाना कि बंदियों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जा रही हैं या नहीं।

इसके बाद हवालात कार्यालय के स्टॉक रजिस्टर की जांच की गई तथा एक-एक कर सभी बैरकों का निरीक्षण किया गया। बैरकों में बंद बंदियों के कार्ड पर उनकी अगली पेशी की तारीख भी चेक की गई, ताकि न्यायालय में पेशी से संबंधित अभिलेखों की स्थिति स्पष्ट हो सके।

रसोईघर के निरीक्षण के दौरान प्रतिदिन तैयार किए जाने वाले भोजन के मेन्यू की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने भोजन व्यवस्था और साफ-सफाई का जायजा लेते हुए जेल में बंदियों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की।

मोबाइल और प्रतिबंधित उपकरणों पर सख्ती के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जेल अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिला कारागार के अंदर किसी भी परिस्थिति में मोबाइल फोन अथवा अन्य प्रतिबंधित उपकरण प्रवेश नहीं करने चाहिए। इसके लिए नियमित रोस्टर तैयार कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के संयुक्त निरीक्षण को जिला कारागार की सुरक्षा, अनुशासन, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।